लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही कई उपभोक्ताओं द्वारा ‘फास्ट मीटर’ और ‘गलत बिलिंग’ की शिकायतें की जा रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए UPPCL ने नया निर्देश जारी किया है। अब उपभोक्ताओं को मीटर की सटीकता (Accuracy) जांचने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं होगी; वे अपने घर पर ही ‘Check Meter’ के लिए आवेदन कर सकते हैं।
स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी के लक्षण क्या हैं?
अगर आपके घर में ये बदलाव दिख रहे हैं, तो आपके मीटर में गड़बड़ी हो सकती है:
- अचानक बिजली बिल में 2 से 3 गुना की बढ़ोतरी होना।
- बिना किसी अतिरिक्त लोड (एसी या हीटर) के भी यूनिट का तेज़ी से बढ़ना।
- मीटर की स्क्रीन पर ‘L’ या ‘M’ जैसा कोई एरर कोड दिखना।
- रिचार्ज करने के बावजूद बार-बार बिजली कट जाना।

रीडिंग गलत होने पर क्या करें? (नई गाइडलाइन)
विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, उपभोक्ता को ये कदम उठाने चाहिए:
- चेक मीटर के लिए आवेदन: यदि आपको रीडिंग पर शक है, तो आप अपने नजदीकी बिजली घर (Substation) में ‘Check Meter’ लगवाने के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके लिए विभाग एक छोटा सा शुल्क लेगा और आपके मुख्य मीटर के पास एक दूसरा मीटर लगाएगा ताकि रीडिंग की तुलना की जा सके।
- लोड की जाँच: यह सुनिश्चित करें कि आपका स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) आपकी खपत के अनुसार सही है। यदि लोड कम है और खपत ज़्यादा, तो स्मार्ट मीटर सुरक्षा कारणों से पेनल्टी लगा सकता है।
- App के ज़रिए मॉनिटरिंग: UPPCL Consumer App डाउनलोड करें। इसमें आप हर दिन की रीडिंग और खपत का ग्राफ देख सकते हैं। अगर किसी दिन बिना बिजली इस्तेमाल किए यूनिट बढ़ी है, तो उसका स्क्रीनशॉट लें।
शिकायत दर्ज करने के 3 आसान तरीके
- टोल-फ्री नंबर: किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत 1912 पर कॉल करें और अपनी शिकायत संख्या (Complaint Number) नोट कर लें।
- ऑनलाइन पोर्टल:
www.uppclonline.comपर जाकर ‘Grievance’ सेक्शन में अपनी शिकायत और मीटर की फोटो अपलोड करें। - सोशल मीडिया: ट्विटर (X) पर अपनी समस्या को विभाग के आधिकारिक हैंडल और संबंधित डिस्कॉम (जैसे PVVNL, MVVNL) को टैग करते हुए पोस्ट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. स्मार्ट मीटर की जांच के लिए कितनी फीस देनी होती है? उत्तर: चेक मीटर लगवाने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग ₹100 से ₹200 का शुल्क (मीटर के प्रकार के आधार पर) देना होता है। यदि मीटर वास्तव में खराब पाया जाता है, तो यह फीस वापस कर दी जाती है।
Q2. क्या स्मार्ट मीटर प्रीपेड होते हैं? उत्तर: हाँ, यूपी में लग रहे अधिकांश स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड पर काम करते हैं। इसमें आपको पहले रिचार्ज करना होता है और बैलेंस खत्म होने पर बिजली स्वतः कट जाती है।
Q3. अगर मीटर रीडिंग गलत साबित हो जाए तो क्या बिल कम होगा? उत्तर: हाँ, यदि चेक मीटर की जांच में आपका मुख्य मीटर फास्ट पाया जाता है, तो विभाग पिछले कुछ महीनों के बिल को एडजस्ट (Revise) करता है।
Q4. स्मार्ट मीटर में ‘M-Seal’ का क्या मतलब है? उत्तर: यह मीटर के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या इंटरनल एरर को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत बिजली घर को सूचित करें।
Q5. रिचार्ज खत्म होने के बाद क्या रात में बिजली कट सकती है? उत्तर: सरकार के निर्देशों के अनुसार, आमतौर पर रात 10 बजे से सुबह 10 बजे के बीच और सार्वजनिक अवकाश के दिन रिचार्ज खत्म होने पर बिजली नहीं काटी जाती।
निष्कर्ष (Conclusion)
स्मार्ट मीटर तकनीक आपकी बिजली खपत को पारदर्शी बनाने के लिए है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता। उपभोक्ता के तौर पर आपका जागरूक होना ज़रूरी है। यदि आपको रीडिंग में ज़रा भी संदेह हो, तो विभाग के नए नियमों का पालन करते हुए तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि आपके मेहनत की कमाई गलत बिलों में न जाए।